योजनाएं और दिशानिर्देश

कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं और दिशानिर्देश
योजनाएं और दिशानिर्देश का  विवरण
सिंचाई के लिए डीजल अनुदान का लाभ
  1. वित्तीय वर्ष 2018-19 के अंतर्गत रबी मौसम के फसलों में डीजल चालित पम्पसेट से पटवन करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को डीजल अनुदान देने की ब्यवस्था की गई है।
  2. दिनांक 01 नवम्बर 2018 से 7 मार्च 2019 तक रबी फसलों की सिचाई के लिए क्रय किये गए डीजल पर 50 रूपये प्रति लीटर की दर से 500 रुपये प्रति एकड़, प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जायेगा।
  3. यह अनुदान गेहूँ की 4 सिंचाई के लिए अधिकतम 2000 रु० प्रति एकड़ एवं अन्य रबी फसलों के अंतर्गत दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे हेतु 3 सिंचाई के लिए अधिकतम 1500 रु० प्रति एकड़ की दर से दिया जायेगा।
  4. इस योजना का लाभ ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जायेगा।
  5. वैसे किसान, जो पूर्व में www.dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकृत हैं, उन्हें पुनः पंजीकरण नहीं करना है वे सीधे डीजल अनुदान के लिए www.dbtagriculture.bihar
  6. 01-12-2018 तक उपलब्धि
    1. कुल पंजीकृत किसानों की संख्या : 224144
    2. डीजल अनुदान में आवेदनों की संख्या : 119979
    3. कुल लाभान्वित कृषकों की संख्या : 88399
    4. कुल स्वीकृत राशि : 10,43,66,291,51
मिट्टी जाँच
  1. राज्य के सभी किसानों को उनके प्रत्येक खेत/प्लॅाट का मिट्टी नमूना संग्रह कर तथा प्रयोगशाला में जाँच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  2. मृदा स्वास्थ्य कार्ड में किये गये अनुशंसा के आधार पर फसलों में उर्वरक का संतुलित उपयोग किया जाए।
फसल प्रत्यक्षण हेतु अनुदान
  1. जीरो टिलेज से गेहूँ की बुवाई हेतु बीज उपचार, खरपतवार नाशी, सूक्ष्म पोषक तत्व तथा जीरो टिलेज से बुवाई खर्च के लिए प्रति एकड़ प्रति किसान 3,600 रू0 का अनुदान दिया जाएगा।
  2. फसल पद्धति आधारित प्रत्यक्षण (जीरो टिलेज से गेहूँ) के लिए 6,000 रू0 प्रति एकड़ प्रति किसान को अनुदान दिया जाएगा।
  3. मसूर/चना/मूँग/राजमा फसल प्रत्यक्षण के लिए बीज, बीज उपचार, पौधा संरक्षण, मिट्टी उपचार हेतु प्रत्येक मद में अलग-अलग कुल 3,600 रू0 प्रति एकड़ प्रति किसान को अनुदान दिया जाएगा।
  4. राई/सरसों प्रत्यक्षण मधुमक्खी पालन के साथ 2000 रू0 प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
बीज योजना/अनुदान पर बीज वितरण
  1. मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना अंतर्गत गेहूँ, चना/मसूर के लिए प्रत्येक राजस्व ग्राम के 02-02 किसानों का चयन कर उन्हें 20 किलोग्राम/08 किलोग्राम/04 किलोग्राम आधार बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
  2. बीज ग्राम योजना अंतर्गत प्रत्येक प्रखंड के 06 ग्रामों का चयन किया जाएगा जिसमें 50 प्रतिशत अनुदानित दर पर गेहूँ/चना/मसूर/राई/सरसों का आधार बीज कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा।
  3. प्रमाणित बीज के खरीद पर बीज के मूल्य का 50 प्रतिशत गेहूँ में 15 रू0 प्रति किलोग्राम, राई/सरसो/तीसी/तिल/ सोयाबीन में 33 रू0 प्रति किलोग्राम, दलहन में 50 रू0 प्रति किलोग्राम तथा संकर सूर्यमूखी/राई/सरसों के बीज में 70 रू0 प्रति किलोग्राम अनुदान दिया जाएगा।
  4. राई/सरसों प्रत्यक्षण (मधुमक्खी पालन के साथ) के लिए 2000 रू0 प्रति एकड़ तथा सूर्यमूखी प्रत्यक्षण (मधुमक्खी पालन के साथ)  के लिए 2400 रू0 प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा।
दियारा विकास योजना
  1. गोर्डस समूह एवं मेलन्स सब्जी के हाइब्रीड बीज में लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 8000 रू0 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
  2. उन्नत/हाईब्रीड मटर बीज में बीज के लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 7000 रू0 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
  3. पी0भी0सी0 पाईप बोरिंग हेतु लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 9000 रू0 प्रति इकाई अनुदान दिया जाएगा।
  4. उन्नत प्रभेद के परवल उत्पादन में लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 24000 रू0 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
उद्यान
  1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रति बूँद अधिक फसल के लिए ड्रीप एवं स्प्रींकलर सिंचाई हेतु निर्धारित मूल्य का 75 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।